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Swachh Bharat

माननीय मंत्री

श्री अशोक गजपति राजू

श्री अशोक गजपति राजू

श्री पी. अशोक गजपति राजू, पुत्र स्‍व. श्री पी.वी.जी. राजू, विजयनगरम के राजा साहेब , का जन्‍म 26 जून, 1951 को हुआ था। इन्‍होंने सिंधिया स्‍कूल, ग्‍वालियर, लवेडले स्‍कूल, ऊटी, हैदराबाद पब्लिक स्‍कूल, हैदराबाद तथा वी.एस. कृष्‍णा कॉलेज, विशाखापत्‍तनम से अपनी शिक्षा प्राप्‍त की। इनका विवाह सुनीला जी के साथ हुआ और उनकी दो पुत्रियां हैं। श्री राजू 25 वर्षों के लिए आंध्र प्रदेश विधान सभा के सदस्‍य रहे और 13 वर्षों तक आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री रहे जिसमें उन्‍होंने वाणिज्यिक कर, सीमा शुल्‍क, विधायी मामले, वित्‍त, नियोजन तथा राजस्‍व क्षेत्रों का पदभार संभाला।

लोगों की सामाजिक व आर्थिक दयनीय स्थिति को देखते हुए समाजवाद से प्रभावित होकर उन्‍होंने लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में प्रवेश किया। उन्‍होंने नए जिले, विजयनगरम के निर्माण के लिए संघर्ष में सक्रिय भाग लिया। उन्‍होंने इस जिले में शिक्षा में सुधार करने के प्रति अपनी रूचि दिखाई जिसके परिणामस्‍वरूप यहां अनेक सरकारी तथा गैर सरकारी शैक्षिक संस्‍थानों की स्‍थापना की गई। वर्तमान में वे दि महाराजा अलक नारायण सोसायटी ऑफ आर्ट्स एंड साइंस ट्रस्‍ट के उपाध्‍यक्ष हैं, जो इस जिले में 12 शैक्षिक संस्‍थानों का संचालन कर रहा है। एक मंत्री के रूप में वे अनेक विकासात्‍मक गतिविधियों के साथ जुड़े हुए हैं। उन्‍होंने जन स्‍वास्‍थ्‍य तथा जल व विद्युत संरक्षण के क्षेत्र में व्‍यापक रूचि दर्शाई है। इस विचारधारा के अनुसरण में उन्‍होंने आवासन, पेयजल तथा स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी योजनाओं को आरंभ किया है। उन्‍होंने शहरी नियोजन का अध्‍ययन करने और इसे आंध्र प्रदेश में उपयुक्‍त रूप से क्रियान्वित करने के लिए विदेश का दौरा भी किया। वे आंध्र प्रदेश क्रिकेट संघ के पूर्व अध्‍यक्ष भी हैं। इनके प्रयासों के परिणामस्‍वरूप हैदराबाद, विशाखापत्‍तनम तथा विजयनगरम सहित अनेक स्‍थानों पर विभिन्‍न खेलों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनेक केन्‍द्रों की स्‍थापना की गई है।

श्री गजपति राजू मूल्‍य आधारित राजनीति पर विश्‍वास करते हैं। उनकी रूचियों में जॉंगिंग करना, पढ़ना तथा युवा वर्ग के साथ विचार-विमर्श करना है।